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बीयाबानी चौराहा : सौंदर्यीकरण के लिए 50 लाख रुपए मंजूर, पत्थर लगाकर छोड़ा काम
उज्जैन । बीयाबानी चौराहा का सौंदर्यीकरण अधर में लटक गया है। रहवासियों का कहना है कि सिंहस्थ के पहले सौंदर्यीकरण के लिए 50 लाख मंजूर हुए थे। काम शुरू भी हुआ लेकिन सिंहस्थ के एक साल दो महीने बाद भी महज पत्थर लगाकर छोड़ दिए गए हैं। इससे यातायात सुगम हुआ न सौंदर्यीकरण हो सका। निगम आयुक्त का कहना है कि चौराहों सहित जिन स्थानों के काम बाकी हैं, वे प्राथमिकता से कराए जाएंगे।
काम रोकने के विरोध स्वरूप चौराहा पर स्थित प्राचीन शिव मंदिर को पुजारी कृष्णकुमार शर्मा ने एक दिन के लिए बंद कर दिया था। शर्मा ने मंदिर के बाहर बोर्ड भी लगाया था कि जब तक विकास कार्य नहीं होगा। मंदिर में पूजन बंद रहेगा। उनका कहना है कि वे भी नहीं चाहते कि मंदिर में पूजन बंद रहे लेकिन बार-बार आग्रह अनुरोध के बाद भी निगम अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। यही कारण था कि विरोध स्वरूप गुरुवार को पूजन बंद कर दिया था। श्रावण माह और श्रद्धालुओं के आग्रह पर पूजन शुरू कर दिया है।
बीयाबानी चौराहा का काम बंद नहीं हुआ है। संबंधित एजेंसी को डिजाइन अनुसार निर्माण कराने के लिए निर्देश दिए जाएंगे।
सोनू गेहलाेत, सभापति
बीयाबानी चौराहा के संबंध में काम की जानकारी ली जाएगी। काम क्यों रूका है, इस संबंध में अधिकारियों से चर्चा करेंगे।
विजयकुमार जे, निगमायुक्त
पूरी तरह लगे नहीं और टूटने लगे पत्थर
रहवासियों का रोष निर्माण की गति को लेकर ही नहीं है। वेे कार्य की गुणवत्ता को लेकर भी नाराज हैं। पुजारी शर्मा के अनुसार निर्माण में घट्टिया सामान लगाया जा रहा है। काले पत्थर पूरी तरह से लगाए भी नहीं गए हैं और टूटने लगे हैं। चौराहा सौंदर्यीकरण का काम शुरू होने में भी देरी हुई थी। निगम से मंजूरी मिलने के बाद संबंधित एजेंसी ने सड़क की खुदाई कर काम रोक दिया था। वीडी क्लॉथ मार्केट के व्यापारियों ने रोष जताया तब कहीं काम शुरू हो सका।